कैलाश पर्वत, जो तिब्बत और चीन के सीमांत पर स्थित है, एक प्राचीन और महत्वपूर्ण पर्वत है। इसकी ऊंचाई लगभग 6638 मीटर (21,778 फीट) है और यह तिब्बती संसार के सबसे पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है। यहां कई धार्मिक और स्पिरिचुअल यात्राएं होती हैं, जिनमें कैलाश-मानसरोवर की परिक्रमा सबसे प्रमुख है। कैलाश पर्वत को शिव का घर माना जाता है, और इसे 'शिव कैलाश' भी कहा जाता है। यहां के दर्शनीय स्थल, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक वातावरण इसे एक अद्वितीय स्थान बनाते हैं। कैलाश पर्वत के चारों ओर एक विशाल मानसरोवर झील है जो धार्मिकता में भी बहुत महत्वपूर्ण है। यह जगह हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है जो इसे पवित्र मानते हैं।
कैलाश पर्वत की परिक्रमा करना धार्मिकता में एक महत्वपूर्ण परंपरा है। इस पर्वत के चारों ओर का एक लापेटता मार्ग है, जिसे कोरा (कोर्बा) यात्रा कहा जाता है। यह परिक्रमा लगभग 52 किलोमीटर (32 मील) लंबा है और इसे सम्पूर्ण करने में आमतौर पर तीन दिन लगते हैं। कैलाश पर्वत की परिक्रमा करना धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक साहस का भी प्रतीक है। इस यात्रा को करते समय लोग अपने आत्मा की शुद्धि और अंतरंग शांति की खोज में निकलते हैं।
कैलाश पर्वत का परिदृश्य और वातावरण अत्यंत अद्वितीय है। इसकी ऊँचाई, अनूठी संरचनाएँ, बर्फ के पहाड़, झीलें, और प्राकृतिक सौंदर्य दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। यहाँ का मानसरोवर झील भी प्राकृतिक सौंदर्य का अद्वितीय स्रोत है, जिसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ जाना जाता है। इसके अतिरिक्त, कैलाश पर्वत का इतिहास और धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व इसे विशेष बनाते हैं। इसे देखने के लिए लोग लंबी यात्रा तय करते हैं, जिसमें उन्हें अपने आत्मा के साथ जुड़ने का अद्वितीय अनुभव मिलता है।
यहाँ कुछ कैलाश पर्वत के बारे में तथ्य हैं:
1. स्थान : कैलाश पर्वत चीन के तिब्बत स्वायत्र क्षेत्र में स्थित है, जो भारत और नेपाल की सीमा के पास है।
2. ऊँचाई : इसकी चोटी लगभग 6638 मीटर (21,778 फीट) की ऊंचाई पर है।
3. धार्मिक महत्व : कैलाश पर्वत हिंदूधर्म, बौद्धधर्म, जैनधर्म, और बोन धर्म में पवित्र माना जाता है। इसे हिंदू धर्म में भगवान शिव का आवास माना जाता है।
4. तीर्थयात्रा : कैलाश पर्वत के चारों ओर की परिक्रमा (परिक्रमा या कोरा) हिंदूओं, बौद्धों, जैनों, और बोन अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण तीर्थयात्रा है।
5. मानसरोवर झील : कैलाश पर्वत के चारों ओर पवित्र मानसरोवर झील है, जो हिंदूधर्म, बौद्धधर्म, और जैनधर्म में महत्वपूर्ण है।
6. प्राकृतिक सौंदर्य : कैलाश पर्वत और इसके आस-पास का प्राकृतिक सौंदर्य अद्वितीय है, जिसमें बर्फ के पहाड़, झीलें, और वन्यजीवन शामिल हैं।
7. न चढ़ाई का स्थल : कई प्रयासों के बावजूद, कैलाश पर्वत की चोटी कभी नहीं चढ़ी गई है।
8. संरक्षित क्षेत्र : कैलाश पर्वत और मानसरोवर क्षेत्र को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में घोषित किया गया है और इसे संरक्षित किया जाता है।